Ramadan 2026 Moon Sighting In Saudi Live Updates: रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है। जो हर मुसलमान के लिए खास होता है। इस पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। यह महीना आत्मशुद्धि, सब्र , इबादत और इंसानियत की सेवा का संदेश देता है। इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार पवित्र ग्रंथ कुरआन इसी महीने में अवतारित हुआ था इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है। इस महीने में हर स्वस्थ मुसलमान के लिए रोजा रखना अनिवार्य माना गया है। कहते हैं रोजा रखने से आत्मसंयम और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। चलिए अब जानते हैं 2026 में रमजान महीना कब से शुरू होगा, क्या आज रमजान का चांद दिखेगा।
सऊदी अरब में 17 फरवरी 2026 को यानी आज रमजान का चांद देखा जाएगा। अगर आज शाम चांद नजर आ जाता है, तो सऊदी अरब समेत कई देशों में 18 फरवरी 2026 से रमजान शुरू हो जाएगा। वहीं भारत में इसके अगले दिन यानी 19 फरवरी से ये पाक महीना शुरू होगा।
भारत में रमजान की चांद रात 18 फरवरी 2026 को होने की उम्मीद है। अगर 18 तारीख को चंद्रमा दिखाई देता है तो भारत में पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा।

अल्लाह इस पाक महीने में आपकी हर दुआ कबूल करे, आपके घर में सुख-शांति, बरकत और खुशियां भर दे। रोजे, नमाज और इबादत से आपका दिल रोशन हो और गुनाह माफ हों।
दुबई में पाक महीना रमजान 18 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है। आज वहां रमजान का चांद देखा जाएगा।
रमजान का चांद दिखने पर दुआ पढ़ी जाती है। जो इस प्रकार है...
अल्लाहुम्मा अहिल लहू अलैना बिल अमनि वल इमानि वस सलामति वल इस्लामि वत तौफीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा रब्बी व रब्बुकल लाह
हिंदी मीनिंग - ऐ अल्लाह, इस चांद को हम पर बरकत, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ गुजार। (ऐ चांद!) मेरा और तेरा रब अल्लाह है।
ईद उल फितर का त्योहार 29वें रोजे की शाम को चांद दिखाई देने के अगले दिन मनाया जाता है। अगर ईद का चांद 18 मार्च को दिखाई देता है तो ईद 19 मार्च को होगी। अगर 19 को चांद दिखता है तब ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। इनमें से ईद की सही तारीख क्या होगी ये चांद दिखाई देने के बाद ही पता चलेगा।
रमजान के महीने में रोजा रखना इस्लाम का अहम फर्ज है। रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहना नहीं, बल्कि नियमों और अनुशासन का पालन करना भी है। आइए जानते हैं रोजा रखने के मुख्य नियम...
रमजान महीना इसलिए इतना पाक माना जाता है क्योंकि इसी महीने में पवित्र कुरआन नाज़िल हुआ था। रमजान में रोजा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। रोजा इंसान को अपनी इच्छाओं पर काबू करना सिखाता है। भूख-प्यास सहने से सब्र और आत्मसंयम की भावना मजबूत होती है।
रमजान का चांद सऊदी अरब में 17 फरवरी 2026 को दिखने की पूरी उम्मीद है तो वहीं भारत में 18 फरवरी को दिखाई दे सकता है।
केरल में रमजान का महीना 18 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन अगर आज चांद नहीं दिखता है तब रमजान की शुरुआत 19 फरवरी से होगी।
सऊदी अरब, भारत, पाकिस्तान समेत अन्य देशों में रमजान की शुरुआत चांद दिखने के बाद ही तय होती है। जिस दिन नया चांद दिखाई देता है उसके ठीक अगले दिन से पाक महीना रमजान शुरू हो जाता है। बता दें सऊदी अरब में रमजान की शुरुआत भारत से पहले हो जाती है इसलिए हर मुसलमान की नजर सऊदी अरब के चांद पर रहती है। सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के मुसलमानों से अपील की है कि वे 17 फरवरी की शाम में रमजान का चांद देखने की कोशिश करें। अगर किसी को चांद नंगी आंखों से या दूरबीन की मदद से दिखाई देता है तो वह तुरंत नजदीकी अदालत में इसकी सूचना दे। अगर सऊदी में 17 तारीख को चांद नजर आ जाता है तो वहां पहला रोजा 18 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।

अल्लाहुम्मा अहिल लहू अलैना बिल अमनि वल इमानि वस सलामति वल इस्लामि वत तौफीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा रब्बी व रब्बुकल लाह
भारत में आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद रमजान शुरू होता है। अगर सऊदी अरब में आज चांद दिख जाता है तो भारत में अगले दिन चांद देखा जाएगा और उसके अगले दिन पहला रोजा रखा जाएगा। देश के अलग-अलग हिस्सों से चांद दिखने की पुष्टि के बाद रमजान की तारीख घोषित की जाती है। भारत में रमजान का पहला रोजा 19 फरवरी 2026 को रखे जाने की पूरी उम्मीद है।
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